Sunday, October 25, 2015

499. नियति-चक्र (10 हाइकु)

नियति-चक्र 
(10 हाइकु)

*******
 
1. 
अपनी सुने    
नियति मगरूर,  
मैं मजबूर !    

2. 
बदनीयत   
नियति की नीयत,    
जाल बिछाती !   

3. 
स्वाँग करती    
साथी बन खेलती,    
धूर्त नियति !    

4. 
नही सुनती  
करबद्ध विनती,  
ज़िद्दी नियति !  

5. 
कैसे परखें     
नियति का लेखा     
है अनदेखा !  

6. 
खेल दिखाती    
मनमर्जी करती     
दम्भी नियति !  

7.   
दुःख देकर    
अट्टहास है करती  
क्रोधी नियती !   

8.   
नियती-चक्र   
सुख दुःख का वक्र,               
हम हैं मौन !  

9. 
कैसी नियती ?    
चुप भाग्य विधाता,       
कौन अपना ?  

10.  
जादू की छड़ी  
नियती ने घुमाई  
खुशियाँ आई !  

- जेन्नी शबनम (25. 10. 2015)

________________________________