Sunday, March 13, 2011

कब उजास होता है...

कब उजास होता है...

*******

जाने कौन है जो आस पास होता है
दर्द यूँ हीं तो नहीं ख़ास होता है !

बहकते क़दमों को भला रोकें कैसे
हर तरफ उनका एहसास होता है !

वो समझते नहीं है दिल की सदा
ज़ख़्म दिखाना भी परिहास होता है !

वक़्त की जादूगरी भी क्या खूब है
हँस हँस कर जीवन उदास होता है !

ज़िन्दगी बसर कैसे हो भला उनकी
जिनके दिल में इश्क का वास होता है !

गैरों के बदन को बेलिबास कर जाए
उनके मन पर कब लिबास होता है !

''शब'' सोचती है कल मिलेंगे उजाले से
तकदीर में कब उसके उजास होता है !

__ जेन्नी शबनम __ 11. 3. 2011

_________________________________________________