Thursday, December 9, 2010

तुम्हारा कहा क्या टाला मैंने...

तुम्हारा कहा क्या टाला मैंने...

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तुम कहते हो हँसती रहा करो
दुनिया खूबसूरत है जिया करो,
कभी आकर देख भी जाओ
तुम्हारा कहा क्या टाला मैंने !

हँसती ही रहती हूँ हर मुनासिब वक़्त
सभी पूछते हैं मैं क्यों इतना हँसती हूँ,
नहीं देखा किसी ने मुझे मुर्झाए हुए
किसी भी दर्द पर रोते हुए !

पर अब थक गई हूँ
अक्सर आँखें नम हो जाती हैं,
शायद हँसी की सीमा ख़त्म हो रही या
ख़ुद को भ्रमित करने का साहस नहीं रहा !

पर तुम्हारा कहा अब तक जिया मैंने
हर वादा अब तक निभाया मैंने,
एक बार आ कर देख जाओ
तुम्हारा कहा क्या टाला मैंने !

- जेन्नी शबनम (8. 12. 2010)

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