Sunday, August 28, 2011

इन्द्रधनुष खिला (बरसात पर 10 हाइकु)

इन्द्रधनुष खिला
(बरसात पर 10 हाइकु)

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1.
आकाश दिखा
इन्द्रधनुष खिला
मचले जिया !

2.
हुलसे जिया
घिर आए बदरा
जल्दी बरसे !

3.
धरती गीली
चहुँ ओर है पानी
हिम पिघला !

4.
भींगा अनाज
कुलबुलाये पेट
छत टपकी !

5.
बिजली कौंधी
कहीं जब वो गिरी
खेत झुलसे !

6.
धरती ओढ़े
बादलों की छतरी
सूरज छुपा !

7.
मेघ गरजा
रिमझिम बरसा
मन हरसा !

8.
कारे बदरा
टिप-टिप बरसे
मन हरसे !

9.
इन्द्र देवता
हुए धरा से रुष्ट
लोग पुकारे !

10.
ठिठके खेत
कर जोड़ पुकारे
बरसो मेघ !

- जेन्नी शबनम ( अगस्त 18, 2011)

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