Thursday, January 15, 2015

482. शुभ-शुभ...(क्षणिका)

शुभ-शुभ...

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हज़ारों उपाय, मन्नतें, टोटके 
अपनों ने किए 
अशुभ के लिए,  
मगर 
ग़ैरों की बलाएँ 
परायों की शुभकामनाएँ  
निःसंदेह 
कहीं तो जाकर लगती हैं 
वर्ना जीवन में शुभ-शुभ कहाँ से होता ! 

- जेन्नी शबनम (15. 1. 2015) 


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