Wednesday, September 29, 2010

178. हँसी... / Hansi...

जिस दिन ऑरकुट पर अपनी दूसरी प्रोफाइल बनाई उसी समय ये रचना लिखी  यूँ कहें कि मैं बोलती गई और मेरा बेटा टाइप करता गया, क्योंकि एक शब्द भी टाइप करने में मैं बहुत वक़्त ले रही थी; मैं अपने बेटे से ऑरकुट और टाइपिंग दोनों सीख रही थी  पहली प्रोफाइल पर एक ऐसी घटना हुई कि उसे हटाना पड़ा लेकिन इस त्वरित (instant) कविता का जन्म हुआ  अब लिखती तो शायद कुछ परिवर्तन ज़रुर होता पर उस दिन त्वरित (instant) कविता पहली बार लिखी तो उसमें बदलाव करने का मन नहीं किया  शब्द भाव यथावत प्रस्तुत है...

हँसी...

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हँसी पे मत जाओ
बड़ी मुसीबत होती है,
एक हँसी के वास्ते आँसुओं से मिन्नत
हज़ार करनी होती है !

जज़्ब न हो जाते आँसू जबतक
बड़ी मुश्किल होती है,
एक हँसी के वास्ते तरकीबें
हज़ार करनी होती हैं !

दिखे न मुस्कुराहट जबतक
बड़ी जद्दोज़हद करनी होती है,
एक हँसी के वास्ते हँसी की ओट में ग़म
हज़ार छुपानी होती है !

खिलखिलाती हँसी भी अजीब होती है
बड़ी दिक्कत से टिकी होती है,
एक हँसी के वास्ते रब से दुआएँ
हज़ार करनी होती है !

हँसी पे मत जाओ
बड़ी ख़तरनाक भी होती है,
एक हँसी के वास्ते जंग सौ
हज़ार गुनाह कराती है !

हँसी पे मत जाओ
बहुत रुलाती बड़ी बेवफा होती है,
एक हँसी के वास्ते मौत
हज़ार मरनी होती है !

हँसी ख़ुदा की नेमत होती है
जिसे मिलती बड़ी तकदीर होती है,
एक हँसी के वास्ते सौ फूल खिलाती
हज़ार ग़म भूलाती है !

- जेन्नी शबनम (18. 8. 2008)

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Hansi...

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Hansi pe mat jaao
badi musibat hoti hai,
Ek hansi ke waaste aansuon se minnat
hazaar karni hoti hai.

Jazb na ho jate aansoo jabtak
badi mushkil hoti hai,
Ek hasi ke waste tarkibein
hazaar karni hoti hain.

Dikhe na muskuraahat jabtak
badi jaddozehad karni hoti hai,
Ek hasi ke waste hansi ki oat me gham
hazaar chhupaani hoti hai.

Khilkhilati hasi bhi ajeeb hoti hai
badi dikkat se tiki hoti hai,
Ek hasi ke waste rab se duaayen
hazaar karni hoti hai.

Hansi pe mat jaao
badi khatarnaak bhi hoti hai,
Ek hansi ke waaste jung sou
gunaah hazaar karaati hai.

Hansi pe matt jaao
bahut rulaati badi bewafa hoti hai,
Ek hansi ke waaste mout
hazaar marni hoti hai.

Hansi khuda ki nemat hoti hai
jise milti badi takdeer hoti hai,
Ek hansi ke waaste sou phool khilaati
gam hazaar bhoolati hai.

- jenny shabnam (18. 8. 2008)

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