Wednesday, August 7, 2013

415. मत सोच अधिक (15 हाइकु)

मत सोच अधिक (15 हाइकु)

******* 

1.
जो बीत गया 
मत सोच अधिक,
बढ़ता चल !

2.
जीवन-पथ 
डराता है बहुत, 
हारना मत !

3.
सब आएँगे 
जब हम न होंगे, 
अभी न कोई ! 

4.
अपने छूटे
सब सपने टूटे, 
जीवन बचा !

5.
बहलाती हैं
ये स्मृतियाँ सुख की 
जीवन- भ्रम !

6.
शोक क्यों भला ?
गैरों के विछोह का 
ठहरा कौन ?

7.
कतराती हैं 
सीधी सरल राहें, 
वक़्त बदला !

8.
ताली बजाती 
बरखा मुस्कुराती 
खूब बरसी ! 

9.
सब बिकता  
पर किस्मत नहीं, 
लाचार पैसा !

10
सब अकेले 
चाँद-सूरज जैसे
फिर शोक क्यों ?

11.
ज़िन्दगी साया 
कौन पकड़ पाया,
मगर भाया ! 

12.
ज़िन्दगी माया 
बड़ा ही भरमाया 
हाथ न आया !

13.
सपने जीना 
सपनों को जिलाना,
हुनर बड़ा !

14.
कैसी पहेली 
ज़िन्दगी की दुनिया,
रही अबूझी !

15.
खुद से नाता  
जीवन का दर्शन,  
आज की शिक्षा !

- जेन्नी शबनम (21. 7. 2013)

______________________________