Saturday, April 1, 2017

542. विकल्प...

विकल्प...  

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मेरे पास कोई विकल्प नहीं  
पर मैं हर किसी का विकल्प हूँ,  
कामवाली छुट्टी पर तो मैं  
रसोइया छुट्टी पर तो मैं  
सफाइवाली छुट्टी पर तो मैं  
धोबी छुट्टी पर तो मैं  
पशु को खिलानेवाला छुट्टी पर तो मैं  
चौकीदार छुट्टी पर तो मैं,  
इन सारे विकल्पों को निभाते हुए  
मैं विकल्पहीन हूँ,  
काश! मेरा भी कोई विकल्प हो  
एक दिन ही सही  
मैं छुट्टी पर जाऊँ!  

- जेन्नी शबनम (1. 4. 2017)  

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