शनिवार, 3 सितंबर 2011

दर्द की मियाद और कितनी है...

दर्द की मियाद और कितनी है...

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कोई भी दर्द उम्र से पहले ख़त्म नहीं होता
किससे पूछूँ कि
दर्द की मियाद और कितनी है?

- जेन्नी शबनम ( सितम्बर 2, 2011)

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18 टिप्‍पणियां:

Sunil Kumar ने कहा…

jisne dard diya hai vahi jabab dega

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

दर्द की मियाद है हमसे मुलाक़ात होने तक,

हमसे मिलने के बाद दर्द भी दूर हो जाता है और दर्द का अहसास भी बल्कि दर्द भी मज़ा देने लगता है।

यक़ीन नहीं आता तो ख़ुद देख लीजिए

ख़ुशी के अहसास के लिए आपको जानना होगा कि ‘ख़ुशी का डिज़ायन और आनंद का मॉडल‘ क्या है ? - Dr. Anwer Jamal

Suresh Kumar ने कहा…

bahut gaharaai hai is rachanaa me..aabhaar

रश्मि प्रभा... ने कहा…

kaun kya batayega ... apne apne dard ko khud jeena hai bemiyaad

वन्दना ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
अवगत कराइयेगा ।

http://tetalaa.blogspot.com/

अजय कुमार ने कहा…

दर्द तो जीवन का हिस्सा है

रविकर ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||

शारदा अरोरा ने कहा…

dard ko dard samjhoge to bharee hoga ...sabak samajh lo to bas miyaad khtm ho hi gaee samjho...

vidhya ने कहा…

यह तो सत्ये है

सहज साहित्य ने कहा…

जेन्नी जी आपका प्रश्न बहुत प्रासंगिक है कि ''कोई भी दर्द उम्र से पहले ख़त्म नहीं होता
किससे पूछूँ कि
दर्द की मियाद और कितनी है? '' मेरा कहना है- ''दर्द की मियाद और कितनी है?/ दिल में बसी किसी की याद कितनी है?उम्र दे दी है जितनी उस खुदा ने / दर्द की मियाद बस उतनी है ।"

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…

pyar ke dard ka bhi apna maja hai..ejoy

udaya veer singh ने कहा…

प्यार को दर्द बना लिया जाये ,तो ताउम्र .....
सुरुचि पूर्ण संयमित ,पंक्तियाँ ....शुभकामनायें /

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

कैदे हयात ओ रंजो गम असल में दोनों एक हैं.
मौत से पहले आदमी, गम से नजात पाए क्यूँ...

सादर..

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

मियाद का पता ही तो नहीं चलता ..

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

यह मियाद पता चल जाए तो कितना अच्छा हो..पर,यह कहाँ पता चलती है

NEELKAMAL VAISHNAW ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...
''कोई भी दर्द उम्र से पहले ख़त्म नहीं होता
किससे पूछूँ कि
दर्द की मियाद और कितनी है''
आप भी जरुर आये यहाँ कभी कभी
MADHUR VAANI
BINDAAS_BAATEN
MITRA-MADHUR

mridula pradhan ने कहा…

sashakt pangtiyan.....

Rachana ने कहा…

दर्द की मियाद बस उतनी जितनी की हम महसूस करें .जब उसका अहसाह ख़त्म वो भी ख़त्म
.आपने बहुत सुंदर प्रश्न किया है
rachana