Monday, August 13, 2012

366. त्योहार का मौसम...

त्योहार का मौसम...

*******

ऐ सुनो 
तुम कहते हो
हमारी बातें 
त्योहार का मौसम
कब आएगा 
बताओ ये मौसम?
हज़ारों बातें 
मीठी यादें  
अब भी बंद है
लकड़ी वाली पिटारी में 
जिसकी कुंजी खो गई थी 
पिछले बरस के त्योहार में
ढ़ेरों किस्से 
मेरे हिस्से  
तह पड़े मेरी पिटारी में 
उमर ठिठकी   
बरस बीता 
फिर भी न आता   
ये त्योहार क्यों?
ऐ कहो 
कब तुड़वाने लाऊँ पिटारी  
कब तक रखूँ सँभाल के?
दिवाली बीती  
होरी बीती  
बीता सावन 
भादो भी 
अब भी नहीं आता 
बोलो ये त्योहार क्यों?
ऐ सुनो
तुम कहते हो
हमारी बातें 
त्योहार का मौसम
कब आएगा  
बताओ ये मौसम?

- जेन्नी शबनम (13 अगस्त, 2012)

_____________________________

13 comments:

Rakesh Kumar said...

उमर ठिठकी
बरस बीता
फिर भी न आता
ये त्योहार क्यों?

सार्थक प्रश्न करती
सुन्दर भावमय प्रस्तुति.
हृदय में जब तक उल्लास न
हो,त्यौहार अर्थहीन ही रहता है.

expression said...

तुम आओ तो आएगा ये त्योहारों वाला मौसम....
है न???
अनु

Madan Mohan Saxena said...

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...
बेह्तरीन अभिव्यक्ति ...!!
शुभकामनायें.

mridula pradhan said...

ऐ सुनो
तुम कहते हो
हमारी बातें
त्योहार का मौसम
कब आएगा......behad khoobsurat likhi hain.....

Sanju said...

Very nice post.....
Aabhar!
Mere blog pr padhare.

***HAPPY INDEPENDENCE DAY***

Maheshwari kaneri said...

सच है त्योहार का मौसम आगया..

कुश्वंश said...

सुन्दर रचना बधाई

Vinay Prajapati said...

--- शायद आपको पसंद आये ---
1. Facebook Recommendation Bar ब्लॉगर पर
2. चाँद पर मेला लगायें और देखें
3. गुलाबी कोंपलें

Vinay Prajapati said...

उत्कृष्ट रचना

--- शायद आपको पसंद आये ---
1. Facebook Recommendation Bar ब्लॉगर पर
2. चाँद पर मेला लगायें और देखें
3. गुलाबी कोंपलें

Ramakant Singh said...

मीठी यादों से सजी त्योहार और उनसे जुडी बातें सचमुच एक बीता और दुसरे ने दस्तक दी आपने सभी तीज त्यौहार की याद दिला दी

Saru Singhal said...

Festival season is beautiful and a great family time. Beautiful and emotional poem.:)

Dr.Nidhi Tandon said...

इंतज़ार कीजिए...आएगा अवश्य....त्योहारों का मौसम .

Bharat Bhushan said...

हज़ारों बातें
मीठी यादें
अब भी बंद है
लकड़ी वाली पिटारी में
जिसकी कुंजी खो गई थी
पिछले बरस के त्योहार में

बहुत खूब लिखा है.