रविवार, 8 मार्च 2026

799. स्त्रियाँ (10 हाइकु)

स्त्रियाँ

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1.
स्त्रियों के हिस्से
परख-आकलन
यही चलन।

2.
स्त्रियाँ हैं फूल
दामन में हैं काँटें
दुःख क्या बाँटे।

3.
स्त्रियाँ-अंगार
आजीवन चलती
नहीं जलती।

4.
स्त्री के बिना
सूना है घर-बार
माने संसार।

5.
स्वयं सींचती
आजीवन पालती
जीव के पौधे।

6.
थाती में मिली
बेबसी व घुटन
स्त्री है बेचारी।

7.
स्त्रियाँ हैं काली
ज़रूरत पड़े तो
करे विध्वंस।

8.
फ़र्ज़ निभाती
मिला कंधे से कन्धा
पुरुष की स्त्री।

9.
आँचल गीला
हँसके पिए पीड़ा
स्त्री का जीवन।

10.
भूखी होती स्त्री
प्यार व सम्मान की
नहीं धन की।

-जेन्नी शबनम (8.3.2026)
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 
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बुधवार, 4 मार्च 2026

798. होली-त्योहार

होली-त्योहार

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1.
रंगों के संग
फागुन की बयार
होली तैयार।

2.
फूलों की क्यारी
प्रकृति पिचकारी
रंग खेलती।

3.
सूखे गुलाल
लज़ीज़ पकवान
होली त्योहार।

4.
भाँग पीकर
मदमस्त नाचते
रंग-अबीर।

5.
निकली टोली
भूल गिले-शिकवे
सभी हैं रँगे।

6.
रंग क्या चढ़े
आर्टिफ़िशियल है
रंग व रिश्ते।

7.
अपने घर
खींचकर ले आया
होली का रंग।

8.
रंगीली होली
तन ही रँग सकी
मन उदास।

9.
नहीं सुहाता
अब कोई भी रंग
मन बेरंग।

10.
होली हकीम
मिटाए दुःख-दर्द
सुख असीम।

11.
आया अबीर
घोलके पी ली पीर
मन रंगीन।

12.
सबको रँगे
भेदभाव भूलके
बौराई होली।

-जेन्नी शबनम (4.3.2026)
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