Tuesday, April 7, 2009

50. रिश्ते (क्षणिका)

रिश्ते (क्षणिका)

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रिश्तों की भीड़ में
प्यार गुम हो गया है,
प्यार ढूँढ़ती हूँ
बस
रिश्ते ही हाथ आते हैं । 

- जेन्नी शबनम (अप्रैल 7, 2009)

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