Saturday, July 3, 2010

151. तलाशो डगर ख़ुद जलकर / talaasho dagar khud jalkar

(अपने पुत्र के 17 वें जन्मदिन के अवसर पर)
.........................................................

तलाशो डगर ख़ुद जलकर

*******

सोचो सदा, तुम समझकर
करो दोस्ती, ज़रा सँभलकर !

न टूटे कभी, ख़ुद पे यकीन
कदम बढ़ाओ, तुम थमकर !

अँधियारे से, तुम डरो नहीं
तलाशो डगर, ख़ुद जलकर !

कठिन हो, मंज़िल तो क्या
पालो जुनून, तुम कसकर !

हारो नहीं, अपनों के छल से
जीतो तुम, सत्य पर चलकर !

मिले दग़ा, तुम न होना ख़फ़ा
लोग देखेंगे, कभी तो पलटकर !

अपने दम पर, करो नव-निर्माण
दुआ है, यश मिले, तुमको जमकर !

- जेन्नी शबनम (22. 06. 2010)
________________________________________

(apne putra ke 17 ven janmdin ke awasar par)
...................................................................

talaasho dagar khud jalkar

*******

socho sada, tum samajhkar
karo dosti, zara sambhalkar !

na toote kabhi, khud pe yakin
kadam badhaao, tum thamkar !

andhiyaare se, tum daro nahin
talaasho dagar, khud jalkar !

kathin ho, manzil to kya
paalo junoon, tum kaskar !

haaro nahin, apnon ke chhal se
jeeto tum, satya par chalkar !

mile daga, tum na hona khafa
log dekhenge, kabhi to palatkar !

apne dam par, karo nav-nirmaan
dua hai, yash mile, tumko jamkar !

- Jenny Shabnam (22. 6. 2010)

_________________________________

10 comments:

आशीष/ ASHISH said...

सर्वप्रथम,
पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
पथ-प्रदर्शक इस रचना की खासियत ये है के जहाँ आप इसमें अपने बेटे को आत्म-निर्भर और स्वावलंबी होने के लिए कह रही हैं वहीं एक माँ ये भी कहती है के करो दोस्ती, ज़रा संभलकर !
बहुत स्वाद आया और माँ की याद आयी!
धन्यवाद!

Udan Tashtari said...

देर से सही..बेटे को बधाई एवं शुभकामनाएँ.

बहुत प्यारी रचना! सीख देती.

जेन्नी शबनम said...

आशीष/ ASHISH ने कहा…
सर्वप्रथम,
पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
पथ-प्रदर्शक इस रचना की खासियत ये है के जहाँ आप इसमें अपने बेटे को आत्म-निर्भर और स्वावलंबी होने के लिए कह रही हैं वहीं एक माँ ये भी कहती है के करो दोस्ती, ज़रा संभलकर !
बहुत स्वाद आया और माँ की याद आयी!
धन्यवाद!
____________________

aashish ji,
yun to ye rachna apne bete keliye likhi hun par sabhi yuwaaon keliye ye sandesh aur kaamnaa hai. bahut shukriya aur aashish aapko.

जेन्नी शबनम said...

Udan Tashtari ने कहा…
देर से सही..बेटे को बधाई एवं शुभकामनाएँ.

बहुत प्यारी रचना! सीख देती.
___________________

sameer ji,
yahan aane aur rachna pasand karne keliye bahut aabhar.

gaurtalab said...

देर से सही..पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!....
achhi rachna!!

Mukesh Kumar Sinha said...

meri bhi subhkamnyane.....:)

"phulo phalo aage badho,
jag bhar kare satkar tumhara
hame bhi prakash mile tumse
jyotirmay bane raho sada......"

mridula pradhan said...

achchi lagi apki kavita.

भूतनाथ said...

पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ
.....वाह.....वाह.....वाह.....और क्या कहूँ....समझ ही नहीं आ रहा....!

जेन्नी शबनम said...

gaurtalab ने कहा…
देर से सही..पुत्र के जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!....
achhi rachna!!
_______________________

meri rachna ki sarahna aur putra ko shubhkaamna keliye hriday se dhanyawaad.

जेन्नी शबनम said...

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…
meri bhi subhkamnyane.....:)

"phulo phalo aage badho,
jag bhar kare satkar tumhara
hame bhi prakash mile tumse
jyotirmay bane raho sada......"
______________________

mukesh ji,
aapne mere putra ko na sirf aashish diya balki sundar shabdon dwara prerit karne wali kuchh panktiyan bhi kahi hai, tahedil se aapka aabhar. putra ki taraf se bhi dhanywaad.