Friday, May 27, 2011

बच्चे (5 ताँका)

मैंने पहली बार ताँका लिखने का प्रयास किया है, प्रतिक्रिया अपेक्षित है...

बच्चे
(5 ताँका)

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1.
नन्ही-सी परी
लिए जादू की छड़ी
बच्चों को दिए
खिलौने और टॉफी
फिर उड़ वो चली !

2.
उनके हाथ
मंझा और पतंग
बच्चे चहके
सब खूब मचले
उड़ी जब पतंग !

3.
उछले कूदे
बड़ा शोर मचाएँ
ये नन्हें बच्चे
राज दुलारे बच्चे
ये प्यारे-प्यारे बच्चे !

4.
दुनिया खिले
आसमान चमके
चाँद-तारों से
घर अँगना सजे
छोटे-छोटे बच्चों से !

5.
प्यारी बिटिया
रुनझुन नाचती
खेल दिखाती
घर-आँगन गूँजे
अम्माँ-बाबा हँसते !

- जेन्नी शबनम (10 . 5 . 2011)

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8 comments:

रश्मि प्रभा... said...

pyaari si rachna

सहज साहित्य said...

बच्चों के भाव बहुत गहरे और कल्पनाओं की उड़ान बहुत ऊँची होती है । आप्ने बालसुलभ मन को बहुत गहरै से पढ़ लिया है , अत: सभी ताँका बहुत अच्छे बन गए है। ये ताँका तो मन में ध्वनित होने लगते हैं- दुनिया खिले
आसमान चमके
चाँद-तारों से
घर अँगना सजे
छोटे-छोटे बच्चों से!

5. प्यारी बिटिया
रुनझुन नाचती
खेल दिखाती
घर-आँगन गूँजे
अम्माँ-बाबा हँसते! प्यारी बेटी के रुनझुन नाचने में जो स्वर लहरी है , वह नया और अनूठा प्रयोग है। आपको इस सहज रचना के लिए मेरी हार्दिक बधाई !

राकेश कौशिक said...

इस विधा का मुझे तो ज्ञान भी नहीं है लेकिन आपका प्रयास सफल और अच्छा लगा

***Punam*** said...

Just Excellent...!!!

PRAN SHARMA said...

Bachchon par hee pyaaree -pyaaree ,
nayaaree - nyaaree aur nanheen -
nanheen kavitaayen .

mahendra srivastava said...

अच्छा बाल गीत

हिन्दी हाइकु said...

सभी ताँका बहुत अच्छे है...ये ताँका तो अच्छा लगा....
दुनिया खिले
आसमान चमके
चाँद-तारों से
घर अँगना सजे
छोटे-छोटे बच्चों से!

मेरी हार्दिक बधाई !

डॉ. हरदीप संधु said...

सभी ताँका बहुत अच्छे है...ये ताँका तो अच्छा लगा....
दुनिया खिले
आसमान चमके
चाँद-तारों से
घर अँगना सजे
छोटे-छोटे बच्चों से!

मेरी हार्दिक बधाई !