Tuesday, March 18, 2014

446. फगुआ रंग (होली पर 7 हाइकु)

फगुआ रंग 
(होली पर 7 हाइकु)

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1.
फगुआ रंग
मन हुआ मलंग
गाए तरंग ।

2.
चटख रंग
अंग-अंग में लगे
मन बहके ।

3.
हवाएँ झूमी   
आसमान ने फेंके 
रंग गुलाबी  !

4.
बिखर गई
छटा इन्द्रधनुषी 
होली का दिन ! 

5.
मन चहका 
देख के रंग पक्का 
चढ़ा फगुआ !

6.
कैसी ये होली 
तकदीर ने खेली 
छाई उदासी !

7.
हुई बावरी 
भर के पिचकारी 
पिया पे डारी !

- जेन्नी शबनम (15. 3. 2014)

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6 comments:

Digvijay Agrawal said...

आपकी लिखी रचना बुधवार 19 मार्च 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

सहज साहित्य said...

होली के सभी हाइकु कम से कम शब्दों से अधिकतम अभिव्यक्ति लिये हुए हैं। हार्दिक बधाई जेन्नी जी !

Aditi Poonam said...

होली की सुंदर छटा बिखेरते रंग-बिरंगे हाइकू
होली की हार्दिक शुभ-कामनाएं जेन्नी जी

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत सुंदर फगुआ के हाइकू ...!
सपरिवार रंगोत्सव की हार्दिक शुभकामनाए ....
RECENT पोस्ट - रंग रंगीली होली आई.

Anupama Tripathi said...

विविध रंग लिए बहुत सुंदर हाइकु जेन्नी जी ...!!

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर और रंगीन हाइकु...होली की शुभकामनायें!