रविवार, 8 मई 2016

512. (मातृ दिवस पर 5 हाइकु)

माँ

*******   

1.  
छोटी-सी परी  
माँ का अँचरा थामे  
निडर खड़ी !  

2.  
पराई कन्या  
किससे कहे व्यथा  
लाचार अम्मा !  

3.  
पीड़ा भी पाता  
नेह ही बरसाता  
माँ का हृदय !  

4.  
अम्मा की गोद  
छू मंतर हो जाता  
सारा ही सोग !  

5.  
अम्मा लाचार  
प्यार बाँटे अपार  
देख संतान !  

- जेन्नी शबनम (8. 5. 2016)

_________________________


7 टिप्‍पणियां:

kuldeep thakur ने कहा…

आपने लिखा...
कुछ लोगों ने ही पढ़ा...
हम चाहते हैं कि इसे सभी पढ़ें...
इस लिये आप की ये खूबसूरत रचना दिनांक 10/05/2016 को पांच लिंकों का आनंद के
अंक 298 पर लिंक की गयी है.... आप भी आयेगा.... प्रस्तुति पर टिप्पणियों का इंतजार रहेगा।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (10-05-2016) को "किसान देश का वास्तविक मालिक है" (चर्चा अंक-2338) पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

महेश कुशवंश ने कहा…

अच्छे हाइकु

sunita agarwal ने कहा…

umda haiku sabhi :)

Madhulika Patel ने कहा…

बहुत भाव पूर्ण ।

Onkar ने कहा…

बहुत बढ़िया हाइकु

Digamber Naswa ने कहा…

माँ को सार्थक करते सभी हाइकू ...