Saturday, January 7, 2012

चलो सत्य की राह...

चलो सत्य की राह...

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बन सबल शक्तिमान तुम
करो आलिंगन संसार तुम !
न हो धूमिल प्रकाश तुम्हारा
न उलझे कभी जीवन तुम्हारा !
बाधा हो पर न हारे विश्वास
रहे अडिग स्वयं पर विश्वास !
चूमो धरती औ छुओ आकाश
मुट्ठी में तुम भर लो आकाश !
कठिन सही पर न भूलो राह
सदा चलो तुम सत्य की राह !

- जेन्नी शबनम (जनवरी 7, 2012)

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15 comments:

नीरज गोस्वामी said...

वाह....बहुत खूब रचना...बधाई

नीरज

G.N.SHAW said...

बहुत कठिन है ! सत्यवादी मिलना मुश्किल है , इसीलिए अन्ना जैसे व्यक्ति भी असमंजस में है ! इससे बेहतर अनुशासित बने !

mridula pradhan said...

कठिन सही पर न भूलो राह
सदा चलो तुम सत्य की राह !
bilkul......

रश्मि प्रभा... said...

phir dekho satya kee aab

कुश्वंश said...

जेन्नी जी, व्यापकता लिए मधुर सन्देश देती पंक्तियाँ बधाई

Naveen Mani Tripathi said...

न उलझे कभी जीवन तुम्हारा !
बाधा हो पर न हारे विश्वास
रहे अडिग स्वयं पर विश्वास !
चूमो धरती औ छुओ आकाश
मुट्ठी में तुम भर लो आकाश !

kam shabdon me badi bat...Vah bahut hi sundar rachana ka srijan badhi .

संजय भास्कर said...

बहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति...

रजनीश तिवारी said...

मुट्ठी में तुम भर लो आकाश !
बहुत अच्छी प्रेरणादायी रचना ...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

आशीर्वचन व प्रेरणा से परिपूर्ण सुंदर रचना.

मनीष सिंह निराला said...

बहुत सुन्दर सन्देश !
मेरी नई पोस्ट पे आपका स्वागत है !
आभार !

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया।

सादर
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जो मेरा मन कहे पर आपका स्वागत है

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

Bahut sundar Bhaav Jenni ji.. Navvarsh par shubhkaamnayen

sushma 'आहुति' said...

सार्थक पोस्ट.....

dheerendra said...

बहुत बढिया प्रस्तुति,मन की भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति ......
WELCOME to--जिन्दगीं--
समर्थक बन रहा हूँ आपभी बने मुझे हार्दिक खुशी होगी,...

Rakesh Kumar said...

आपका हृदय कितनी सकारात्मक
उर्जा से ओतप्रोत है,यह आपकी
हर अभिव्यक्ति से प्रकट होता है.

ब्लॉग जगत धन्य है,और हम भी
बहुत सौभाग्यशाली हैं,आप जैसी
ब्लोगर की सुन्दर भावाभिव्यक्तियों
का अमृत रसपान करके.