प्यार
***
1.
रिश्ते प्यार के
गहरे सागर-से
मोती सच्चे-से।
2.
प्यार के नाते
सँवारते रहो तो
कभी न खोते।
3.
कुछ बन्धन
हँस-हँस के जीते
गर प्यार हो।
4.
ज़ख्म फूलों से
प्यार में मिलता है
नादान हूँ न!
5.
प्यार की नदी
उफनती झूमती
बेपरवाह।
6.
प्यार के रिश्ते
थोड़े-थोड़े कच्चे-से
पकने तक।
7.
प्यार के रिश्ते
इठलाते रहते
बारहों मास।
8.
प्यार की ऋतु
कभी न बदलती
कहीं न जाती।
9.
टिमटिमाते
काले अँधेरों में भी
प्यार जुगनू।
10.
प्यार की ख़ुश्बू
चहूँ ओर पसरे
दिशा न देखे।
-जेन्नी शबनम (27.9.2012)
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