सोमवार, 7 सितंबर 2026

810. प्यार (10 हाइकु)

प्यार

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1.
रिश्ते प्यार के 
गहरे सागर-से
मोती सच्चे-से।  

2.
प्यार के नाते
सँवारते रहो तो 
कभी न खोते। 

3. 
कुछ बन्धन  
हँस-हँस के जीते 
गर प्यार हो। 

4.
ज़ख्म फूलों से 
प्यार में मिलता है 
नादान हूँ न!

5.
प्यार की नदी 
उफनती झूमती
बेपरवाह। 

6.
प्यार के रिश्ते 
थोड़े-थोड़े कच्चे-से 
पकने तक। 

7.
प्यार के रिश्ते 
इठलाते रहते 
बारहों मास। 

8.
प्यार की ऋतु
कभी न बदलती 
कहीं न जाती। 

9.
टिमटिमाते 
काले अँधेरों में भी 
प्यार जुगनू। 

10.
प्यार की ख़ुश्बू   
चहूँ ओर पसरे 
दिशा न देखे। 

-जेन्नी शबनम (27.9.2012)
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