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सोमवार, 14 जून 2021

726. स्मृति (11 हाइकु)

स्मृति 
(11 हाइकु)

***

1. 
स्मृति में तुम   
जैसे फैला आकाश   
सुवासित मैं।   

2. 
क्षणिक प्रेम   
देता बड़ा आघात   
रोता है मन।   

3. 
अधूरी चाह   
भटकता है मन   
नहीं उपाय।   

4. 
कई सवाल   
सभी अनुत्तरित,   
किससे पूछें?   

5. 
मेरे सवाल   
उलझाते हैं मुझे,   
कैसे सुलझे?   

6. 
ज्यों तुम आए   
जी उठी मैं फिर से   
अब न जाओ।   

7. 
रूठ ही गई   
फुदकती गौरैया   
बगिया सूनी।   

8. 
मेरा वजूद   
नहीं होगा सम्पूर्ण   
तुम्हारे बिना।   

9. 
जाएगी कहाँ   
चहकती चिड़िया   
उजड़ा बाग़।   

10. 
पेड़ की छाँव   
पथिक का विश्राम   
अब हुई कथा।   

11. 
जिजीविषा है   
फिर क्यों हारना?   
यही जीवन।   

-जेन्नी शबनम (24.3.2011)
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मंगलवार, 15 सितंबर 2020

685. यादें, न आओ (यादें पर 10 हाइकु)

 यादें, न आओ

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1. 
मीठी-सी बात   
पहली मुलाक़ात   
आई है याद।  

2. 
दुःखों का सर्प   
यादों में जाके बैठा   
डंक मारता।     

3. 
गहरे खुदे   
यादों की दीवार पे   
ज़ख़्मों के निशाँ।     

4. 
तुम भी भूलो,   
मत लौटना यादें,   
हमें जो भूले।   

5. 
पराए रिश्ते   
रोज़ याद दिलाते   
टीस हैं देते।     

6. 
रोज़ कहती   
यादें बचपन की-   
फिर से जी ले।     

7. 
दिल दुखाते   
छोड़ गए जो नाते,   
आती हैं याद।     

8. 
पीछा करता,   
भोर-साँझ-सा चक्र   
यादों का वक्र।     

9. 
यादों का पंछी   
दाना चुगने आता   
आवाजें देता।     

10. 
दुःख की बातें,   
यादें, न आओ रोज़,   
जीने दो मुझे।     

- जेन्नी शबनम (15. 9. 2020)
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मंगलवार, 1 जुलाई 2014

460. स्मृतियाँ शूल (10 हाइकु)

स्मृतियाँ शूल 

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1.
तय हुआ है-
मौसम बदलेगा
बर्फ़ जलेगी।

2.
लेकर चली
चींटियों की क़तार
मीठा पहाड़।

3.
तमाम रात
धकेलती ही रही
यादों की गाड़ी।

4.
आँखें मींचती
सूर्य के गले लगी
धरा जो जागी।

5.
जाने क्या सोचे
यायावर-सा फिरे
बादल जोगी।

6.
डरे होते हैं-
बेघर न हो जाएँ 
मेरे सपने 

7.
हार या जीत 
बेनाम-सी उम्मीद 
ज़मींदोज़ क्यों?

8.
ख़ारिज हुई 
जब भी भेजी अर्ज़ी 
ख़ुदा की मर्ज़ी। 

9.
जश्न मनाता 
सूरज निकलता 
हो कोई ऋतु। 

10.
जब उभरें  
लहुलूहान करें 
स्मृतियाँ शूल। 

-जेन्नी शबनम (5.6.2014)
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