Sunday, August 27, 2017

556. बादल राजा (बरसात पर 10 हाइकु)

बादल राजा 
(बरसात पर 10 हाइकु)  

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1.  
ओ मेघ राजा  
अब तो बरस जा  
भगा दे गर्मी!  

2.  
बदली रानी  
झूम-झूम बरसी  
नाचती गाती!  

3.  
हे वर्षा रानी  
क्यों करे मनमानी  
बरसा पानी!  

4.  
नहीं बरसा  
दहाड़ता गरजा,  
बादल शेर!  

5.  
काला बदरा  
मारा-मारा फिरता  
ठौर न पाता!  

6.  
मेघ गरजा  
रवि भाग के छुपा  
डर जो गया!  

7.  
खिली धरती,  
रिमझिम बरसा  
बदरी काली!  

8.  
ली अँगड़ाई  
सावन घटा छाई  
धरा मुस्काई!  

9.  
बरसा नहीं  
मेघ को ग़ुस्सा आया,  
क्रूर प्रकृति!  

10.  
सुन्दर छवि  
आकाश पे उभरा  
मेघों ने रचा!  

- जेन्नी शबनम (27. 8. 2017)  

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2 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (29-08-2017) को कई सरकार खूंटी पर, रखी थी टांग डेरे में-: चर्चामंच 2711 पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Digamber Naswa said...

वाह ... बरसात और मेघ .. लाजवाब हाइकू हैं सभी ...