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बुधवार, 14 सितंबर 2022

749. हमारी मातृभाषा (6 हाइकु)

हमारी मातृभाषा (6 हाइकु)

***

1. 
बिलख रही    
मातृभाषा बेचारी   
पा अपमान।  

2. 
हमारी भाषा   
बनी जो राजभाषा   
है मातृभाषा।  

3. 
अपनी भाषा   
नौनिहाल बिसरे,   
हिन्दी पुकारे।  

4. 
रुलाते सभी   
फिर भी है हँसती   
हमारी हिन्दी।  

5. 
अपनों द्वारा   
होती अपमानित   
हिन्दी शापित।  

6. 
हिन्दी कहती-   
तितली-सी उड़ूँगी   
नहीं हारूँगी।  

-जेन्नी शबनम (14.9.2022)
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शनिवार, 14 सितंबर 2019

626. क्षणिक बहार

क्षणिक बहार   

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आज वह ख़ूब चहक रही है   
मन-ही-मन में बहक रही है 
साल भर से वह, जो कच्ची थी 
उसका दिन है, तो पक रही है। 

आज वह निरीह नहीं सबल है 
आज वह दुःखी नहीं मगन है 
आज उसके नाम धरती है 
आज उसका ही ये गगन है। 

जहाँ देखो सब उसे बुला रहे हैं 
हर महफ़िल में उसे सजा रहे हैं 
किसी ने क्या ख़ूब वरदान दिया है 
एक पखवारा उसके नाम किया है। 

आज सज-धजकर निकलेगी 
आज बहुरिया-सी दमकेगी 
हर तरफ़ होगी जय-जयकार 
हर कोई दिखाए अपना प्यार 
हर किसी को इसका ख़याल   
परम्परा मनेगी सालों-साल। 

पखवारा बीतने पर मलीन होगी 
धीरे-धीरे फिर ग़मगीन होगी 
मंच पर आज जो बैठी है 
फ़र्श पर तब आसीन होगी 
क्षणिक बहार आज आई है 
फिर सालभर अँधेरी रात होगी। 

हर साल आता है यह त्योहार 
एक पखवारे का जश्ने-बहार 
उस हिन्दी की परवाह किसे है 
राजभाषा तक सिकोड़ा जिसे है 
जो भी अब संगी-साथी इसके हैं 
सालों भर साथ-साथ चलते हैं। 

भले अँगरेज़ी सदा अपमान करे 
हिन्दी का साथ हमसे न छूटे 
प्रण लो हिन्दी बनेगी राष्ट्रभाषा 
यह हमारा अधिकार, हमारी मातृभाषा 
हिन्दी को हमसे है बस यही आशा 
हम देंगे नया जीवन, नई परिभाषा। 

- जेन्नी शबनम (14. 9. 2019) 
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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

587. मीठी-सी बोली (हिन्दी दिवस पर 10 हाइकु)

मीठी-सी बोली 

***   

1.   
मीठी-सी बोली   
मातृभाषा हमारी   
ज्यों मिश्री घुली।    

2.   
हिन्दी है रोती   
बेबस व लाचार   
बेघर होती।    

3.   
प्यार चाहती   
अपमानित हिन्दी   
दुखड़ा रोती।    

4.   
अँग्रेज़ी भाषा   
सर चढ़के बोले   
हिन्दी ग़ुलाम।    

5.   
विजय-गीत   
कभी गाएगी हिन्दी   
आस न टूटी।    

6.   
भाषा लड़ती   
अँग्रेज़ी और हिन्दी   
कोई न जीती।    

7.   
जन्मी दो जात   
अँग्रेज़ी और हिन्दी   
भारत देश।    

8.   
मन की पीर   
किससे कहे हिन्दी   
है बेवतन।    

9.   
हिन्दी से नाता   
नौकरी मिले कैसे   
बड़ी है बाधा।    

10.   
हमारी हिन्दी   
पहचान मिलेगी   
आस में बैठी।    

-जेन्नी शबनम (14.9.2018)   
(हिन्दी दिवस)
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बुधवार, 14 सितंबर 2016

529. हिन्दी खिलेगी (हिन्दी दिवस पर 9 हाइकु)

हिन्दी खिलेगी

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1.   
मन की बात   
कह पाएँ सबसे   
हिन्दी के साथ।   

2.   
हिन्दी रूठी है   
अँग्रेज़ी मातृभाषा   
बन ऐंठी है।   

3.   
सपना दिखा   
हिन्दी अब भी रोती   
आज़ादी बाद।   

4.   
हिन्दी की बोली   
मात खाती रहती   
पढ़े लिखों से।   

5.   
हिन्दी दिवस   
एक दिन का जश्न   
फिर अँधेरा।   

6.   
हमारी हिन्दी   
हमारा अभिमान   
सब दो मान।   

7.   
है इन्क़िलाब     
सब जुट जाएँ तो   
हिन्दी की शान।   

8.   
हिन्दी हँसती   
राजभाषा तो बनी,   
कहने भर।   

9.   
सुबह होगी   
देश के ललाट पे   
हिन्दी खिलेगी।   

-जेन्नी शबनम (14.9.2016)
(हिन्दी दिवस) 
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